Salil Chopra अधिवक्ता · होशियारपुर
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ज़िला न्यायालय, होशियारपुर · पंजाब

Salil Chopra

अधिवक्ता · 1997 से

वही अदालतें, वही शहर, 1997 से।

28वर्ष होशियारपुर में निरंतर वकालत
1997 बार काउंसिल ऑफ़ पंजाब एवं हरियाणा में पंजीकरण
10 संस्थाएँ, जिन्होंने हमें अपना वकील रखा
4 अदालतें और अधिकरण, जहाँ हम नियमित रूप से पेश होते हैं

हमारे मुवक्किल

चार सरकारी बीमा कम्पनियाँ। दो राष्ट्रीयकृत बैंक। पंजाब की अग्रणी संस्थाएँ।

बीमा कम्पनियाँ और बैंक अपने वकील बहुत सोच-समझकर चुनते हैं। पैनल पर लेने से पहले वे वकील का रिकॉर्ड परखते हैं, और उन्हीं को रखते हैं जिनका काम कसौटी पर खरा उतरता है। ये संस्थाएँ वर्षों से हम पर भरोसा करती आ रही हैं।

  • 01The New India Assurance Co. Ltd.The New India Assurance Co. Ltd.सार्वजनिक क्षेत्र का साधारण बीमा
  • 02The Oriental Insurance Co. Ltd.The Oriental Insurance Co. Ltd.सार्वजनिक क्षेत्र का साधारण बीमा
  • 03United India Insurance Co. Ltd.United India Insurance Co. Ltd.सार्वजनिक क्षेत्र का साधारण बीमा
  • 04National Insurance Co. Ltd.National Insurance Co. Ltd.सार्वजनिक क्षेत्र का साधारण बीमा
  • 05Bajaj Allianz Life Insurance Co. Ltd.Bajaj Allianz Life Insurance Co. Ltd.जीवन बीमा
  • 06State Bank of IndiaState Bank of Indiaराष्ट्रीयकृत बैंक
  • 07Indian BankIndian Bankराष्ट्रीयकृत बैंक
  • 08MarkfedMarkfedपंजाब राज्य सहकारी संघ
  • 09PFCPunjabPunjab Financial Corporationराज्य वित्तीय संस्था
  • 10Capital Small Finance Bank Ltd.Capital Small Finance Bank Ltd.अनुसूचित स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक

दस संस्थाएँ · होशियारपुर में पैनल वकील

हर फ़ाइल की तैयारी एक जैसी होती है, चाहे वह किसी बीमा कम्पनी से आए या होशियारपुर के किसी परिवार से।

परिचय

1997 से होशियारपुर में वकील

सलिल चोपड़ा 1997 से होशियारपुर की अदालतों में वकालत कर रहे हैं, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं के मुआवज़े, सिविल व संपत्ति विवाद, बीमा मामले और नौकरी से संबंधित केस शामिल हैं। इस पूरे समय में अग्रणी बीमा कम्पनियों और बैंकों ने अपने केस भरोसे के साथ हमें सौंपे हैं।

अच्छी तैयारी से ही ज़्यादातर केस जीते जाते हैं।
Salil Chopraअधिवक्ता
  • पूरी तैयारी

    आपके केस का हर दस्तावेज़ अदालत जाने से पहले पूरी तरह जाँचा जाता है।

  • सच्ची सलाह

    अगर आपका केस मज़बूत नहीं है, तो हम पहली मुलाक़ात में ही साफ़ बता देंगे।

  • आपकी भाषा

    परामर्श पंजाबी, हिंदी या अंग्रेज़ी में, और हस्ताक्षर से पहले हर दस्तावेज़ समझाया जाता है।

कार्यक्षेत्र

हम क्या काम लेते हैं

कोई भी क्षेत्र चुनिए, ताकि पता चले कि उसमें क्या आता है और पहली मुलाक़ात के लिए कौन-से काग़ज़ लाने हैं। सही काग़ज़ों के साथ आने पर आमतौर पर दूसरा चक्कर नहीं लगाना पड़ता।

कौन-सी अदालत

मेरा केस कौन-सी अदालत सुनेगी?

कई लोग ग़लत अदालत में जाकर महीने गँवा बैठते हैं। अपनी स्थिति से मिलता विकल्प चुनिए और देखिए कि केस कहाँ सुना जाएगा और आपके पास कितना समय है।

अपने से मिलती-जुलती स्थिति चुनें

ऊपर से कोई स्थिति चुनिए, ताकि पता चले कि कौन-सी अदालत सुनेगी, आपके पास कितना समय है, और क्या साथ लाना है।

न्यायालय एवं अधिकरण

ये सभी होशियारपुर में ही बैठते हैं

इसमें से किसी के लिए भी चंडीगढ़ जाने की ज़रूरत नहीं।

  • सिविल और फ़ौजदारी ज़िला एवं सत्र न्यायालय, होशियारपुर सिविल जजों, अतिरिक्त ज़िला जजों और ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने मुक़दमे, अपीलें, डिग्री की तामील और सेशन का काम।
  • मुआवज़ा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, होशियारपुर मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत क्लेम, क्लेम करने वालों और बीमा कम्पनियों दोनों की ओर से।
  • उपभोक्ता ज़िला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, होशियारपुर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत शिकायतें, बीमा कम्पनियों और पेशेवरों का बचाव भी।
  • श्रम श्रम न्यायालय और औद्योगिक विवाद व कर्मचारी मुआवज़ा क़ानूनों के तहत प्राधिकारी औद्योगिक विवाद, नौकरी पर बहाली और बकाया वेतन, और घायल या मृत कामगारों के मुआवज़े के क्लेम।

फ़ैसला हुए केस

चार केस, जिनका फ़ैसला हो चुका है

2004 से 2026 के बीच तीन अलग-अलग अदालतों में फ़ैसला हुए। ये काम की प्रकृति दिखाने के लिए दिए गए हैं, किसी नतीजे का वादा करने के लिए नहीं। पक्षों के नाम नहीं दिए गए; आदेशों की प्रमाणित प्रतियाँ माँगने पर उपलब्ध हैं।

MACT / CIS No. 04 of 2021 मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, होशियारपुर · बीमा कम्पनी की ओर से

रिकॉर्ड में से निकली जाली बीमा पॉलिसी

कानूनी प्रश्न

क्या गाड़ी के लिए पेश की गई बीमा पॉलिसी असली थी? और अगर नहीं, तो क्या फिर भी बीमा कम्पनी से पैसे दिलाए जा सकते थे?

  1. दावा

    हादसा करने वाली गाड़ी की पॉलिसी के सहारे एक सरकारी बीमा कम्पनी के विरुद्ध मुआवज़े का भारी क्लेम किया गया।

  2. हमने क्या किया

    पूरा रिकॉर्ड पंक्ति-दर-पंक्ति जाँचा, पाया कि पॉलिसी में बात नहीं जुड़ती, और सिद्ध किया कि वह जाली दस्तावेज़ था।

  3. परिणाम

    पॉलिसी जाली मानी गई। बीमा कम्पनी के विरुद्ध क्लेम ख़ारिज।

  • जाली पॉलिसी
  • बीमा कम्पनी का दायित्व
  • दस्तावेज़ी सबूत
MACT Case No. 58 · decided 11.08.2004 मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, होशियारपुर · बीमा कम्पनी की ओर से

जिरह में लापरवाही ग़लत साबित हुई

कानूनी प्रश्न

क्या बीमित गाड़ी का ड्राइवर सच में हादसे का दोषी था?

  1. दावा

    इस आधार पर मुआवज़ा माँगा गया कि बीमित गाड़ी के ड्राइवर ने तेज़ी और लापरवाही से गाड़ी चलाई थी।

  2. हमने क्या किया

    क्लेम करने वालों के अपने गवाहों से ध्यान से जिरह की, और सामने लाया कि ड्राइवर की कोई लापरवाही नहीं थी।

  3. परिणाम

    लापरवाही सिद्ध नहीं हुई। बीमा कम्पनी पर कोई दायित्व नहीं।

  • तेज़ और लापरवाह ड्राइविंग
  • जिरह
  • सबूत का भार
ECC No. 2015 · decided 29.05.2026 कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम, 1923

आयुक्त, कर्मचारी मुआवज़ा · बीमा कम्पनी की ओर से

मालिक और कर्मचारी का रिश्ता साबित नहीं हुआ

कानूनी प्रश्न

क्या गाड़ी चलाने वाला सच में मालिक का कर्मचारी था, ताकि मालिक और बीमा कम्पनी को पैसे देने पड़ते?

  1. दावा

    बीमित गाड़ी के ड्राइवर को मालिक का कर्मचारी बताकर मुआवज़ा माँगा गया।

  2. हमने क्या किया

    अदालत को दिखाया कि मालिक और गाड़ी चलाने वाले के बीच मालिक और कर्मचारी का कोई रिश्ता नहीं था।

  3. परिणाम

    नौकरी सिद्ध नहीं हुई। आवेदन ख़ारिज।

  • मालिक और कर्मचारी
  • कानूनी दायित्व
  • बीमे का दायरा
CC No. 160 of 2021 · decided 16.05.2023 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019

ज़िला उपभोक्ता आयोग, होशियारपुर · बीमित डॉक्टर की ओर से

चिकित्सक चिकित्सकीय लापरवाही से मुक्त

कानूनी प्रश्न

एक सावधान डॉक्टर से जितनी उम्मीद की जाती है, क्या इलाज उससे कम दर्जे का था?

  1. दावा

    सरकारी बीमा कम्पनी से बीमित एक डॉक्टर के विरुद्ध चिकित्सकीय लापरवाही की शिकायत करके मुआवज़ा माँगा गया।

  2. हमने क्या किया

    सुनवाई से पहले पूरा मेडिकल रिकॉर्ड जाँचा, और आयोग को संतुष्ट किया कि कोई पेशेवर लापरवाही नहीं हुई।

  3. परिणाम

    कोई लापरवाही नहीं मिली। शिकायत पूरी तरह ख़ारिज।

  • चिकित्सकीय लापरवाही
  • मेडिकल रिकॉर्ड
  • इलाज का स्तर

योग्यता

शिक्षा एवं पंजीकरण

  1. 1993 बी.कॉम. पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़
  2. 1996 एल.एल.बी., प्रथम श्रेणी गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर
  3. 1997 अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण बार काउंसिल ऑफ़ पंजाब एवं हरियाणा, 22 अक्टूबर 1997 · पंजीकरण सं. P/303/1997
  4. 1999 स्नातकोत्तर डिप्लोमा, पर्सनल मैनेजमेंट एवं लेबर वेलफ़ेयर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला
  5. 1997 से अब तक होशियारपुर में स्वतंत्र वकालत सदस्य, ज़िला बार एसोसिएशन, होशियारपुर
अधिवक्ता का विवरण नियम 36
नाम
Salil Chopra
पंजीकरण की तिथि
22 अक्टूबर 1997
पंजीकरण संख्या
P/303/1997
बार काउंसिल
बार काउंसिल ऑफ़ पंजाब एवं हरियाणा
बार एसोसिएशन
ज़िला बार एसोसिएशन, होशियारपुर
शैक्षणिक योग्यता
बी.कॉम. · एल.एल.बी. · स्नातकोत्तर डिप्लोमा, पर्सनल मैनेजमेंट एवं लेबर वेलफ़ेयर
कार्यक्षेत्र
सिविल · मोटर दुर्घटना क्लेम · बीमा · कर्मचारी मुआवज़ा · उपभोक्ता · औद्योगिक व श्रम · वाणिज्यिक · फ़र्म, ट्रेड मार्क और सोसाइटी का पंजीकरण
पता
600/71 Manavta Nagar, Sutehri Road, Hoshiarpur – 146001, Punjab
सम्पर्क
79862-09180 · salil_lawyer [at] rediffmail.com
भाषाएँ
पंजाबी, हिंदी, अंग्रेज़ी

प्रश्न

मुवक्किल अक्सर क्या पूछते हैं

आम सवालों के सामान्य जवाब। आप पर क्या लागू होता है, यह आपके अपने केस के तथ्यों पर निर्भर करता है।

सम्पर्क

आइए, बैठकर बात करते हैं

हमारा कार्यालय सुतेहरी रोड के पास मानवता नगर में है। मुलाक़ात समय लेकर होती है, इसलिए आने से पहले फ़ोन करके समय ले लीजिए।

कार्यालय 600/71 Manavta Nagar, Sutehri Road,
Hoshiarpur – 146001, Punjab
मानचित्र में खोलें
मुलाक़ात के लिए फ़ोन 79862-09180 फ़ोन करने का समय: सोमवार से शुक्रवार शाम 4 से रात 9 बजे तक; शनिवार और रविवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक। व्हाट्सएप पर संदेश
परामर्श का समय सोमवार से शनिवार, समय लेकर। परामर्श आमतौर पर शाम को, अदालत के समय (सुबह 10 से शाम 4 बजे) के बाद होता है।
भाषाएँ पंजाबी, हिंदी और अंग्रेज़ी। जिसमें सहज हों, उसी में बात करें।

अपना नंबर छोड़ें

आपका केस समझने और मुलाक़ात का समय तय करने के लिए हम आपको वापस फ़ोन करेंगे। नाम और नंबर काफ़ी हैं; बाक़ी जानकारी आपकी मर्ज़ी।

पूछताछ भेजने भर से वकील और मुवक्किल का रिश्ता नहीं बनता। यह रिश्ता पक्का होने तक गोपनीय काग़ज़ न भेजें।

अगला क़दम

काग़ज़ ले आइए। देख लेते हैं कि बात कहाँ खड़ी है।

एक बैठक में ही पता चल जाता है कि मामला बनता है या नहीं और कितना काम पड़ेगा। नहीं बनता तो हम साफ़ कह देंगे।

फ़ोन करने का समय: सोमवार से शुक्रवार शाम 4 से रात 9 बजे तक; शनिवार और रविवार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक।

फ़ोन करें व्हाट्सएप